हिन्दी को करो आसान सरल-मत बनाओ इसे क्लिष्ट गरल
जहाँ रेलगाडी से काम चल जाए-लोहपथगामिनी क्यों लिखाए
ब्रहम ही लिखो प्यारे शब्द-नही ग़र मिलता ‘ब्रह्म ’ संयुक्तशब्द
पदम ही लिख डालो प्यारे-नही ग़र मिलता संयुक्तशब्द
प्यारेEnglish मे for you को सरल कर4u हम लिख रहे
हिन्दी मे बस नुकताचीनी क्यो भाई हम करते रहे
हो जाएगा अगर मे के ऊपर बिन्दी नही लगाई
अच्छे शब्द ले लेंगे जो भाषा भी हमको भाई
साईकिल को द्विचक्रवाहिनी कहने नही जा रहे
कठिन शब्द प्रयोगकर स्वयं को विद्वान नही दिखला रहे
हिन्दी को करो आसान लोकप्रिय तभी बनेगी ये भाषा
विश्वव्यापी बने हमारी हिन्दी यही अपनी अभिलाषा
Saturday, February 17, 2007
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment